कर्नाटक में ‘जनरेशन शिफ्ट’ की आहट, नई कैबिनेट में युवाओं को तवज्जो; कई सीनियर मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी
कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच नई कैबिनेट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद से Siddaramaiah के हटने की स्थिति में पार्टी नेतृत्व युवा चेहरों को आगे बढ़ाने की रणनीति अपना सकता है। इस बदलाव के केंद्र में D. K. Shivakumar का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अगर शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो मौजूदा मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ नेताओं की छुट्टी हो सकती है। इनमें एच.सी. महादेवप्पा, केजे जॉर्ज और जी. परमेश्वर जैसे अनुभवी मंत्री शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, सिद्धारमैया के करीबी माने जाने वाले कुछ अन्य नेताओं की भूमिका पर भी पुनर्विचार की संभावना जताई जा रही है।
पार्टी के भीतर चल रही चर्चा को राहुल गांधी की उस रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें युवा नेतृत्व को अधिक अवसर देने की बात कही गई थी। कांग्रेस कथित तौर पर केरल में यूडीएफ द्वारा अपनाए गए मॉडल की तर्ज पर नई टीम तैयार करने पर विचार कर रही है, जहां अनुभव और युवाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई थी।
हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि अभी तक कैबिनेट को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। पार्टी नेतृत्व अनुभव और नई पीढ़ी, दोनों को साथ लेकर चलने के विकल्प पर विचार कर रहा है ताकि सरकार में निरंतरता भी बनी रहे और नई ऊर्जा भी दिखाई दे।
बताया जा रहा है कि मौजूदा सरकार के कुछ मंत्रियों को बरकरार रखा जा सकता है, जबकि कई नए और युवा विधायकों को मौका मिलने की संभावना है। कांग्रेस नेतृत्व पहले भी कम उम्र के नेताओं को आगे लाने पर जोर देता रहा है और माना जा रहा है कि अगली कैबिनेट में इसी सोच का असर दिखाई दे सकता है।
पूर्व मंत्री R. V. Deshpande ने भी कहा है कि बदलाव जरूरी है, लेकिन सरकार को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए अनुभवी नेताओं की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
Comments are closed.