कैस्पियन सागर के रास्ते ईरान को ड्रोन पार्ट्स और विस्फोटक भेज रहा रूस: रिपोर्ट

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ईरान अपने हालिया युद्ध में कमजोर पड़े सैन्य भंडार को फिर से भरने की कोशिश में जुटा है। इसी बीच रूस द्वारा कैस्पियन सागर के रास्ते तेहरान को विस्फोटक, ड्रोन के कलपुर्जे और गोला-बारूद भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

NBC न्यूज को मिले यूरोपीय सरकार के दस्तावेजों और एक पश्चिमी अधिकारी की पुष्टि के अनुसार, कथित रूसी शिपमेंट में TNT, ड्रोन पार्ट्स और गोला-बारूद शामिल हैं। विश्लेषकों द्वारा देखी गई सैटेलाइट तस्वीरों में बैलिस्टिक मिसाइलों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले संभावित कलपुर्जों के संकेत भी मिले हैं।

रूस-ईरान सैन्य रिश्तों में नया मोड़

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाक्रम रूस और ईरान के सैन्य सहयोग में एक अहम बदलाव को दर्शाता है। इससे पहले ईरान ने यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल के लिए रूस को बड़ी संख्या में शाहेद ड्रोन मुहैया कराए थे। अब कथित तौर पर रूस ईरान को उसके सैन्य नुकसान की भरपाई करने में मदद कर रहा है।

कैस्पियन सागर इस आपूर्ति के लिए अहम रास्ता बन सकता है। इसकी सीमा रूस, ईरान, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और अजरबैजान से लगती है। क्षेत्र में पश्चिमी नौसैनिक मौजूदगी नहीं होने के कारण रूस और ईरान के बीच समुद्री रास्ते से होने वाली आवाजाही पर निगरानी की चुनौतियां बनी रहती हैं।

जहाज अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) को बंद करके अपनी गतिविधियों को छिपाने की कोशिश कर सकते हैं। इस समुद्री मार्ग से उन प्रमुख चोकपॉइंट्स से भी बचा जा सकता है, जहां अमेरिकी निगरानी अपेक्षाकृत मजबूत है।

इजराइली हमलों में ईरान को नुकसान

कथित रूसी सप्लाई की जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब ईरान को हालिया संघर्ष में अपने ड्रोन, मिसाइल और सैन्य बुनियादी ढांचे में भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

इस साल की शुरुआत में इजराइल ने कैस्पियन सागर के तट पर स्थित ईरान के बंदर अंजली बंदरगाह को भी निशाना बनाया था। द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और ईरानी नौसेना से जुड़ी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था।

संघर्ष के दौरान ईरान ने बड़े पैमाने पर अपने ड्रोन और मिसाइल भंडार का इस्तेमाल किया। अमेरिका और इजराइल के हमलों में उसकी मिसाइल प्रणालियों और सैन्य ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा।

कितनी मदद मिल रही है, साफ नहीं

रूस से होने वाली कथित आपूर्ति तेहरान को अपने सैन्य भंडार को दोबारा मजबूत करने में मदद कर सकती है। हालांकि, सामने आई जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि अब तक कितनी सैन्य सामग्री ईरान पहुंचाई गई है और इससे उसकी सैन्य क्षमता को किस हद तक बहाल किया जा सकेगा।

अगर ये ट्रांसफर जारी रहते हैं, तो इससे मॉस्को और तेहरान के बीच सैन्य सहयोग और मजबूत होने के संकेत मिल सकते हैं। साथ ही, कैस्पियन सागर ईरान की सैन्य पुनर्बहाली के लिए एक महत्वपूर्ण आपूर्ति मार्ग के रूप में उभर सकता है।

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